may14

रविवार, 20 अक्तूबर 2013

3 kind of people in hindi





3 तरह के इंसान 



दोस्तों,

एक तालाब में 3 मछलियाँ रहती थीं !   एक बार कुछ मछुआरे वहां आये और आपस में बोले --  यहाँ पर बहुत सारी मछलियाँ दिखती हैं ,  हम कल यहाँ आकर जाल डालेंगे ! उनकी यह बात सुन कर पहली मछली बोली ,--अरे , हम यहीं ठीक हैं ,जरुरी नहीं के यह लोग कल आयें ही सही !  दूसरी बोली,-भलाई इसी में है कि हम आज रात को ही कहीं और चले जाएँ !   और वो तालाब से जुड़े दूसरे पोखर में चली गई ! तीसरी बोली कल जब ये लोग आयेंगे तभी परिस्थिति के अनुसार निर्णय ले लूंगी !

अगले दिन मछुआरे सच में ही आ गए ! जाल डाला गया !  पहली मछली पकड़ी गई ! तीसरी मछली ने तुरंत मरने का ढोंग किया ! मरा समझ कर मछुआरों ने उसे जाल से निकाल दिया और वो तुरंत उचक कर गहरे पानी में तैरती हुई दूर चली गई ! पहली वाली पकड़ी गई और भाग्य भरोसे रहने की अपनी आदत को कोसती रही ,बेचारी !


दोस्तों, वैसे तो संसार में अरबों मनुष्य हैं ,जिन्हें मूल रूप से हम इन मछलियों की तरह 3 categories  में बाँट सकते हैं !


1. दूरदर्शी (prudent)--  वे जो आने वाले कल की सोच कर काम करते हैं ! बादल देख कर घड़े नहीं फोड़ते ! भविष्य की भी सोचते हैं !  ऐसे लोग सारा पैसा एकसाथ ही खर्च नहीं करते ,कल के लिए भी कुछ बचा कर रखते हैं ! FD,RD,PPF,NSE,BANK DEPOSIT आदि में अपने पैसे को invest करते हैं ! अपने ऐशआराम के लिए सारा पैसा खर्च नहीं करते ! 
एक समझदार गिलहरी की तरह भरी गर्मी में अपने बिल में अनाज इकठ्ठा करते हैं ताकि बारिश के प्रतिकूल दिनों में भूखे  मरने की नोबत नहीं आये !

2. तुरंत निर्णय लेने वाले (Instant Decision Makers)--   वे व्यक्ति जो देश ,काल परिस्थिति ,के अनुसार तुरंत निर्णय लेते हैं ! सामने आते हुए तेज truck को देख अपने vehicle को तुरंत निर्णय लेकर दायें-बायें कर लेते हैं ,या अपनी  तेज speed को कम कर अपने को safe कर लेते हैं !

3. भाग्य भरोसे रहने वाले (fatalist)---  वो जो सामने से आती हुई बिल्ली को देख कर भी कबूतर की तरह अपनी आँखें बंद कर लेते है  , और सोचते हैं की अब बिल्ली मुझे नहीं देख रही ! बजाय उसके सामने से हटने के ,कर्म करने के , हाथ पर हाथ रख कर बैठ  जाते हैं , और थोड़ी देर बाद बिल्ली के पेट में होते हैं ,फिर वो अपनी मौत के लिए अपने भाग्य को दोष देते हैं !

हम भी इन्हीं तीन में से किसी एक category में आते हैं !  वैसे भी दोस्तों भाग्य भी उन्हीं का ही साथ देता है जो स्वयं श्रमशील हैं ,  कर्मठ हैं,मेहनती हैं ! है ना ? तो कोनसी category के इंसान कहलाय जाना पसंद करेंगे आप ?

डॉ नीरज…. 

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1 टिप्पणी:

  1. जब मैं 6वी में था तब यह मैने पढ़ी थी. दुबारा पढ़ के अच्छा लगा.

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