may14

गुरुवार, 28 फ़रवरी 2013

पता है ,कहाँ रुकना है !




                 पता है ,कहाँ रुकना है !



दोस्तों,

आजकल television पर एक tyre का advertisement आ रहा है ! जिसमे किसी गहरे गड्डे या खाई के बिलकुल पास आकर गाडी रुक जाती है ! और उसका slogan  है --- पता है ,कहाँ रुकना है !

अगर इस slogan को हम हमारे जीवन में शामिल कर लें तो हमारा जीवन कहीं ज्यादा सुखद और सरल हो जाएगा ! आइये जीवन के कुछ पहलुओं पर इस slogan के प्रभाव का विचार करते हैं ----

  • हम  किसी party या होटल में खाना खाने जाते हैं ! खाने के स्वाद के वशीभूत होकर आप भूख से कहीं ज्यादा खा लेते हैं ! परिणामस्वरूप कालान्तर में अपच ,कब्ज ,गैस ,मोटापा ,कोलेस्ट्रोल आदि के शिकार बन जाते हैं ! क्योंकि हमको पता ही नहीं चलता की कहाँ रुकना है ! हम खाने के वशीभूत  बस खाते रहते हैं ! अगर हम को पता हो की कहाँ रुकना है , कब खाना बंद करना है !  तब फिर कोई परेशानी ही नहीं है !  फिर चाहे कितने भी छप्पन भोग हमारे सामने हों ,हम केवल उतना ही खाएँगे जितना जरुरी है ,क्योंकि हमें पता ही है की कहाँ रुकना है ! है ना ?

  • पति-पत्नि  की प्यार भरी बातें कब बहस और फिर तकरार से होती हुई लड़ाई में बदल जाती हैं ,पता ही नहीं चलता ! क्योंकि दोनों को ही पता नहीं है की कहाँ रुकना है ! है ना ?

  • exam में fail हुए अपने जवान , किशोर बेटे-बेटी को माँ-बाप इतना डाँटते हैं की शर्मिंदा होकर वो suicide जैसा आत्मघाती कदम उठा लेते हैं ! क्योंकि माता -पिता को पता ही नहीं है ,की कितना डांटना है और डांटने में कहाँ रुकना है ! है ना ?

  • रात भर की ८ घंटे की गहरी नींद लेने के बाद भी हमारा शरीर ,नींद और बिस्तर  दोनों ही नहीं छोड़ना चाहता ! सुबह होने पर भी उठना नहीं चाहता ! क्योंकि शरीर को पता ही नहीं है की नींद को कहाँ रोकना है ! है ना ?

लेकिन दोस्तों मुझे पता है की इस article में  मुझे कहाँ रुकना है  !  इसलिए आज इतना ही ................


डॉ नीरज ..........


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सोमवार, 25 फ़रवरी 2013

Motivational and Inspirational Quotes...part 2





Motivational and Inspirational Quotes...part 2





दोस्तों,

कुछ और प्रेरणादायक कथन ,दुनिया की उन महान हस्तियों के ,जिनके नाम तो मुझे नहीं पता ,लेकिन पूरे आभार सहित ये quotes आप सबकी नजर हैं --

  • In three words I can sum up everything I've learnt about life :  It goes on............

  • Our life is  what our thoughts make it.

  • Failing to plan is planning to fail.

  • Look twice before you leap.

  • The only place you'll find success before work is in the dictionary.

  • What we do today, right now,will have an accumulated effect on all our tomorrows.

  • Learn to listen,opportunity could be knocking at your door very softly.

  • If you refuse to accept anything but the best, you'll get the best.

  • Begin to live as you wish to live.

  • Most people live and die with their music still unplayed. They never dare to try.

  • Keep your face to the sunshine and you cannot see the shadows.

  • No duty is more urgent than that of returning thanks.

  • Whatever is begun in anger, ends in shame.

  • Life is 10 percent what you make it and 90 percent how you take it.

  • A healthy attitude is contagious but don't wait to catch it from others.Be a carrier.

  • The first step towards change is awareness. The second step is acceptance.

  • Change is difficult but often essential for survival.

  • Forgiving is knowing that we are in full control of our lives.

  • No one but only....Cowards lie.

  • To find a fault is easy, to do better is difficult.......

  • A fool always finds some greater fool to admire him.

  • Forgive your enemies, but never forget their names.

  • The roots of education are bitter,but the fruit is sweet.

  • Give the world the best that you have, and the best will come back to you.

  • There are two perfectly good men : One DEAD and the other UNBORN.

  • Faith is like electricity. You can't see it, but you can see the light.

  • Imagination is the highest kite one can fly.

  • The men who make history have not time to write it?

  • A drop of INK may make a million THINK.

  • WARNING: Humor may be hazardous to your illness.

  • You may be disappointed if you fail... you are doomed if you don't try.

  • If you have knowledge......let others light a candle at it......

  • Perfection is the best EXCUSE.

  • Bloom where you are planted.



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बुधवार, 13 फ़रवरी 2013

valentine day, kuch pyar bhare sher.......




                         कुछ प्यार भरे शेर .........



दोस्तों ,

valentine day  यानी प्यार का दिन !  वैसे मेरी नजर में हर दिन प्यार का ही है ,अगर महसूस करें तो ,है ना ? प्यार किसी दिन विशेष का मोहताज नहीं है ! आपका हर दिन valentine day हो सकता है !  आज प्यार के दिन पर कुछ शेर ,जो मेरी college time की diary में मैंने बड़े रूमानी अहसास और नजाकत से संग्रहित किये थे ! 

उम्र के सफ़र में एक पड़ाव ऐसा भी आता है जब दुनिया की हर चीज बड़ी अपनी सी लगती  है ! आपकी notebook पढाई के notes से कम और प्यार मोहब्बत के शेरों से ज्यादा भरी होती है ! ऐसे में कुछ harmons का प्रभाव ऐसा होता है की अन्दर सोया शायर कब जग जाता है ,पता ही नहीं पड़ता ! आप या तो खुद शेर लिखने लगते हैं या जहाँ भी कोई अच्छा शेर देखते,सुनते,या पढ़ते हैं उसे अपने शेरों के संग्रह में शामिल करने लगते हैं ! तब हर दिन valentine ही होता है ! 

दोस्तों ये शेर मेरी उस डायरी रूपी सागर की कुछ बूंदें हैं ,जो कभी मैंने रात में जाग जाग कर ,मुशायरे सुन कर ,एक जूनून की तरह इकठ्ठा किये ! और  दूसरे शायरों के शेर अपनी डायरी में लिखते लिखते कब मैं  भी एक शायर बन गया ,पता ही नहीं चला ! अब इसे शेरों का असर कहिये या कुदरत की हसीन शायरी का , जिसने मुझे भी एक शायर बना दिया !

शेर आप सभी तक पहुँचाने के पहले उन सभी शायरों का दिली आभार , जिनके शेर मैंने अपनी diary में लिखे और आप सभी तक उन्हें आज पहुंचा रहा हूँ ! ये शेर ग़ालिब ,मीर ,हसरत जयपुरी ,निदा साहब ,अन्जुम रहबर साहिबा और भी कई नामी शायरों के हैं ,जिन सबके नाम तो मैं नहीं जानता लेकिन दिली आभार के साथ उन सबके शेर आपकी नजर -----------


उनको आता है प्यार पर गुस्सा ,
हमको गुस्से पे प्यार आता है !

फिर भी न सिमटेगी अगर,दोस्त बिखर जाएगी ,
जिंदगी जुल्फ नहीं है जो संवर जाएगी !

यूँ ही तन्हाई में हम दिल को सजा देते हैं ,
नाम लिखते हैं तेरा ,लिख कर मिटा देते हैं ! 
जब भी नाकाम मोहब्बत का कोई जिक्र करे ,
लोग हँसते हैं ,        मेरा नाम बता देते हैं !!

खुदा से क्या मांगूं ,तुम्ही से मांगता हूँ ,
तुम्हीं से क्या मांगूं ,तुम्हीं को मांगता हूँ !

निगाहों में इकरार सारे हुए हैं ,
हम उनके हुए ,वो हमारे हुए हैं !

ये शेर आजकल के आशिकों के लिए  नसीहत के तोर पर --
मरने का तेरे गम में इरादा भी नहीं है ,
है इश्क मगर इतना ज्यादा भी नहीं है !

हया से सर झुक लेना ,अदा से मुस्कुरा देना !
हसीनों को भी कितना सहज है ,बिजली गिरा  देना !

शुक्र ,परदे ही में उस बुत को हया ने रखा !
वरना ईमान गया ही था ,खुदा ने रखा !!

नाजुकी उसके लब की क्या कहिये ,
पंखडी इक गुलाब की सी है !

यूँ जिंदगी गुजार रहा हूँ तेरे बगेर ,
जैसे कोई गुनाह किये जा रहा हूँ मैं !

दिल का क्या हाल कहूँ ,सुबह को जब उस बुत ने !
ले के अंगडाई ,कहा नाज से,      'हम जाते हैं '!!

इधर आँख झपकी ,उधर ढल गई वो !
जवानी भी इक धूप थी ,दोपहर की !!

ख्वाब है तो क्या ,
वो मेरे करीब आये तो !

कोई सवाल जो पूछे ,तो क्या कहूँ उसे !
बिछुड़ने वाले सबब तो बता जुदाई का !!

आपसे सच ना कह सके ,
बस इसका मलाल है !
पर आप भी क्यूँ चुप रहे ,
मेरा खामोश सा सवाल है !!

आईने में वो अपनी अदा  देख रहे थे ,
मर जाए के जी जाए ,कोई उनकी बला  से !

खता साबित करेंगे अपनी ,
और हम खूब छेडेंगे !
सुना है उनको गुस्से से ,
लिपट जाने की आदत है !!

नाज ये है ,कि बड़ा सब्र मोहब्बत में किया !
पूछिए ,सब्र न करते तो भला क्या करते !!

अभी तो दिल में हलकी सी ,
खलिश मालूम होती है !
बहुत मुमकिन है कल इसका ,
मोहब्बत नाम हो जाए !!

मुझसे मत पूछ मेरे दिल की कहानी हमदम ,
इसमें कुछ पर्दानशीनों के भी नाम आते हैं !

                 उफ़ ,वो मरमर से तराशा हुआ सफ्फाक* बदन !    *साफ़ ,उज्जवल 
देखने वाले उसे ताजमहल कहते हैं !!

वो दुश्मनी से देखते हैं ,देखते तो हैं !
मैं शाद * हूँ की हूँ तो किसी की निगाह में !  *खुश 

जालिम कभी तो बाम* पर आजा ,कहाँ तलक ! * छत 
बहलाएगा जी कोई ,दर-ओ-दीवार देख कर !!

पूछा जो उनसे चाँद निकलता है किस तरह ,
जुल्फों को रुख * पे डाल के झटक दिया की यूँ ! *चेहरे 

आपका हमसे रंज ही कैसा ,
मुस्कुरा दीजिये ,सफाई है !

रात भी,नींद भी,कहानी भी,
हाय क्या चीज है जवानी भी !

दिल के आईने में है तस्वीरे यार !
जब जरा गर्दन झुकाई ,देख ली !!

मैं हूँ ,दिल है ,तन्हाई है ,
तुम भी जो होते ,अच्छा होता !!

हुस्न के हाथ बंधे ,वो जरा देर सही ,
मुझ पे अहसां तेरी आई हुई अंगडाई का !

तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक है तुमको ,
मेरी बात और है ,मैंने तो मोहब्बत की है !!

नशीली रात है सारे चराग गुल कर दो ,
ख़ुशी की रात में क्या काम ,जलने वालों का !

जिनके लिए मैं मर गया उनका ये हाल है ,
ईंटें चुरा के ले गए मेरे मजार की .....!

अजब से वो दिन थे ,अजब सी वो रातें ,
तन्हाई में,तन्हाई से,तन्हाई की बातें !

सब कुछ खुदा से मांग लिया ,तुझको मांग कर ,
उठते नहीं हैं हाथ मेरे ,इस दुआ के बाद !

अब इत्र भी मलो तो मोहब्बत की बू नहीं ,
वो दिन हवा हुए  की पसीना गुलाब था !

उनकी हसरत मेरी तकदीर में लिखने वाले ,
काश , उनको मेरी तकदीर में लिखा होता !

क्या बात है की आँखों में सुरमा नहीं है आज ,
खाली धरा हुआ है ,तमंचा चला हुआ !

क्या नजाकत है आरिज * उनके नीले पड़ गए!  * गाल 
मैंने तो बोसा * लिया था ,ख्वाव में तस्वीर का !! *चुम्बन 

जाते हैं खुदा  हाफिज ,बस इतनी गुजारिश है !
हम याद जो आ जाएँ ,मिलने की दुआ करना !!



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सोमवार, 11 फ़रवरी 2013

सफल जिंदगी की अनमोल सलाह .







              सफल जिंदगी की अनमोल सलाह ...

दोस्तों ,

college के दिनों की बात है ! first year की class का पहला दिन था ! subject wise teachers class में आ रहे थे ! कुछ ने पहले हम सब students का introduction लिया ,कुछ ने आते ही सीधा अपना subject पढाया और period पूरा होते ही क्लास से बाहर चले गए ! अगला period science का था ! bell बजते ही एक सोम्य व्यक्तित्व के सर क्लास में आये ! आते ही मुस्कुरा कर हम सब students को देखा ,हाथ में चॉक उठाई और blackboard पर कुछ लिखने से पहले हम सबको इंगित करते हुए कहा ,--dear students में आज इस पहली क्लास में तुम्हें जीवन का एक अनमोल सूत्र बताने जा रहा हूँ ! हमारी जिंदगी में कुछ लोग , कुछ कथन ,कुछ घटनाएं ,कुछ वाक्य ऐसे होते हैं जो हमारे जीवन की दिशा को निर्धारित कर देते हैं ! कुछ cotation हमारे जीवन की परेशानी रुपी बारिश में उस छाते की तरह होते हैं जो उन परेशानियों , तनावों की बारिश से हमें बचाती हैं ! अगर आप मानें तो यह सबक अच्छी जिंदगी का एक सबक है अन्यथा board पर लिखी हुयी 2 लाइन मात्र हैं ! अब ये आप लोगों पर है की आप इसे किस रूप में लेते हैं !

इसके बाद उन्होंने मुड़कर blackboard पर मोटे-मोटे अक्षरों में 2 लाइन लिखीं ! उन्होंने वो लाइन blackboard पर लिखी थीं ..., और students का तो पता नहीं लेकिन वो cotation  उसी समय मेरे मन में अंकित हो गईं ! 

दोस्तों उस cotation  के पहले में बताना चाहता हूँ की में भी उस समय आम लड़के की तरह मस्त,लापरवाह किस्म का इंसान था ! "करना ही तो है ,कर लेंगे ,ऐसी भी क्या जल्दी है " अपने ही ख्यालों में मगन रहना ,पढाई -लिखाई पर ज्यादा ध्यान ना देना ,काम और पढाई को कल पर टालना जैसी आदतें मुझमे सहज रूप से थीं !

मैं  हर साल session के शुरू में सोचता था की ,अरे अभी तो july शुरू हुआ ही है ,अभी से ही पढ़ कर क्या करना है !  पूरा साल पड़ा है पढने को .....! फिर  मुट्ठी से  रेत  की तरह  थोडा समय फिसल जाता था और सामने दिवाली आ जाती थी ! अक्टूबर ,नवम्बर का महिना होता था वो ! लेकिन तब भी मन सोचता था की अरे अभी जब सारी दुनिया लक्ष्मी जी की पूजा कर रही है तो में अभी सरस्वती जी की उपासना क्यों करूँ ?  समय फिर थोडा आगे बह जाता था !  दिसम्बर की कडकडाती ठण्ड आ जाती थी !  तब विवेक (मेरी अंतरात्मा  ) कहता था भैया ! अब तो थोडा serious हो जा पढने के लिए , अगर अभी भी नहीं पढ़ेगा तो कब पढ़ेगा ?  लेकिन तभी हमारे मन महाशय अकड़ कर कहते थे - अरे!  ऐसी ठण्ड में भी पढाई होती है क्या ?  रजाई से मुँह  तो बाहर निकाला  नहीं जा रहा और तुम (विवेक) इसे जल्दी उठ कर पढने के लिए कह रहे हो , क्या ज्यादती कर रहे हो !  थोड़ी सर्दी कम होने दो फिर पढ़ लेगा ! और महाशय फिर वापस रजाई में ,नींद के आगोश में .......!

लेकिन समय फिर अपने पथ पर सतत अग्रसर !  तभी फिर एक दिन झटका लगता जब final exam का timetable आ जाता ! पता पड़ता ,अरे केवल 1-2 महीने ही बचे हैं exam को और syllabus याद करना पूरा ही बाकी है !  तब फिर शुरु होता .....आपातकाल !
मुह पर पानी के छींटे डाल  कर जबरदस्ती जल्दी उठना  , उंघते हुए पढना ,रात में देर तक जाग कर पढना !  जिसमे भी पढना कम और चाय ज्यादा पीना !  रात को 10-11 बजे पढने बेठना और 12-1 बजते ही मन महाशय का गर्व से कहना , भई क्या बात है ! रात के 1 बजे तक पढ़ रहा है .......good .  चल अब सोते हैं ,आखिर सुबह भी तो जल्दी उठना है !   पढाई के चक्कर में कभी कभी बुखार भी आ जाना ! भगवान से यह वादा करना ,---  प्रभु ! इस साल ढंग से पास करा दे ,अगली क्लास में शुरू से ही पढाई करूँगा ,पक्का , god promise....
राम-राम करते हुए पेपर देना और किसी तरह ठीक-ठाक पास हो जाना !   जनाब पास हुए ! रात गई ,बात गई ! फिर वही जुलाई फिर वही कहानी .........!
दोस्तों हंसिये मत , हम मे से अधिकतर students का यही फसाना रहता है ,है ना ?

खेर ,तो मैं  बात कर रहा था उस सूत्र ,cotation की ,जिसने मुझे प्रेरणा दी ,मुझे जिंदगी को तरीके से जीना सिखाया ! 
सर ने बोर्ड पर लिखा था ..........


"शान्ति के समय ही इतना पसीना बहा लो ,की युद्ध के समय तुम्हें खून बहाने की जरुरत ना पड़े "


सच में लाख रुपये की बात है ! यह सूत्र केवल students के लिए ही नहीं बल्कि जिंदगी के हर पहलू और क्षेत्र में लागू होता है !

एक student के लिए इस cotation का अर्थ हो सकता है की शान्ति के समय अर्थात पूरे साल आराम से इतना पढ़ लो की युद्ध के (परीक्षा के ) समय खून बहाने की अर्थात रात रात भर जाग कर पढने की ,घबराहट से, जल्दीबाजी से ,हड़बड़ी से पढने की जरुरत ही ना पड़े ! है ना ?

उसी तरह हमें train से कुछ समय बाद कहीं जाना है ,तो क्यों ना शांति के समय महिना पहले सहज रूप से ,आराम से अपना reservation करवा कर रख लिया जाए ,बजाए युद्ध काल में अर्थात जाने के 1 दिन पहले तत्काल की लम्बी लाइन में सुबह से लगा जाए और फिर ये भी पक्का नहीं की conform seat मिलेगी भी या नहीं ! अंतिम क्षण तक घबराहट .........!

कहीं सफ़र पर जाना है ,तो क्यों ना 1 सप्ताह पहले या 2-3 दिन पहले (शान्ति के समय) सामान की पूरी list बना ली जाए ,जरुरी ले जाने वाला सामान एक जगह इकठ्ठा कर लिया जाए ,ताकि कोई जरुरी चीज ना छूट जाए ! बजाए सफ़र में  जाने वाले दिन ( युद्धकाल ) जल्दीबाजी और घबराहट में सामान pack करना ,भागते भागते train पकड़ना और train रवाना होने पर ध्यान आना ,अरे ! ticket तो घर ही भूल आये भईया ..............!

घर की महिलाओं का भी शाम को खाने के समय तुरंत पूछना की खाने में क्या बनाना है ? फिर जल्दीबाजी में जो सब्जी सामने दिखे उसे बना देना ! बजाए इसके दिन में ही decide कर लिया जाए की आज lunch ,dinner में क्या बनेगा ! समय से उसके लिए तैयारी कर ली जाए और पूरे मनोयोग ,आराम और दिल से स्वादिष्ट ,लजीज खाना बनाया जाए ! है ना ?

ज्यादा उदाहरण से artical और ज्यादा लम्बा हो जाएगा ! लेकिन ये cotation हमें जिंदगी में हड़बड़ी ,जल्दीबाजी , घबराहट आदि से सहज रूप से ही छुटकारा दिला  देता है ! 

मुझे उम्मीद है की जैसे इस cotation ने मेरे जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है ,उसी तरह ये आप सब के जीवन में भी सकारात्मकता और सहजता का मार्ग प्रशस्त करेगा !

डॉ नीरज यादव 



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बुधवार, 6 फ़रवरी 2013

the power of thank you in hindi...






                 छोटा शब्द बड़े काम का ......


दोस्तों ,

कल की बात है मैं अपनी duty से वापस आ रहा था !  रास्ते में एक गाँव में एक सब्जी वाला ताजे बूटे (हरे चने ) बेच रहा था ! मैंने उसके पास अपनी गाडी रोकी और पूछा ,--भैया ,क्या भाव दिए ? उसने कहा 15 Rs /kg .  मैंने कहा थोडा कम नहीं होगा क्या ? वो बोला , भाईसाहब इससे कम में तो हमारा ही पुरता नहीं खाता ,क्या करें !  मैंने कहा कोई बात नहीं,  1 kg दे दो !  उसने मुझे 1 kg बूटे दिए ,मैंने उसे 15 रुपये दिए और  मुस्कुरा कर उससे कहा ,"धन्यवाद भैया " और मैंने गाडी आगे बढा  ली !  rear-view mirror से मैंने देखा की वो कई सेकंड तक मेरी गाडी की तरफ देखता रहा !

आज जब में वापस अपनी duty से आ रहा था तो मैंने फिर हरे और ताजे बूटे लेने के लिए उसके पास गाडी रोकी !  उसने मुस्कुरा कर मुझे देखा !  मैंने कहा भैया 1 kg बूटे दे दो !  उसने तौल कर किलो से थोड़े ज्यादा ही बूटे मुझे दिए ! और आप जानते हैं आज उसने मुझसे क्या भाव लिया ?  कल जो 2 रुपये भी कम करने को तैयार नहीं था , आज खुद उसने कहा , भाईसाहब 10 रुपये ही दे दो आप ! मुझे आश्चर्य हुआ ,मैंने कहा ये तो तुम्हारा घाटे का सोदा हो जाएगा !  तब उसने मुझसे कहा ,-मुझे सब्जी बेचते हुए कई साल हो गए लेकिन आज तक किसी ने मुझे सब्जी लेकर मुस्कुरा कर धन्यवाद नहीं कहा ! कल आपने मुझे धन्यवाद कहा तो मुझे बहुत अच्छा लगा ! आपने मेरी इज्जत समझी ! आपसे भले ही मैं 2 रुपये कम कमा  लूँगा  लेकिन आपने मुझे जो दिली ख़ुशी और संतुष्टि दी है वो मेरे लिए अनमोल है !

मुझे बड़ा सुखद आश्चर्य हुआ  और मैं पुनः उसको मुस्कुरा कर "धन्यवाद " कह कर आगे बढ गया !  रास्ते में मैंने सोचा की एक छोटे से  शब्द " thank you "  ने उस आदमी की ख़ुशी को बढा  दिया ,उसे महत्वपूर्ण होने का अहसास करा दिया !  
दोस्तों शब्द छोटा है लेकिन अगर दिल से कहा जाए तो इसके परिणाम बड़े और सुखद हैं !  आप आजमा कर तो देखिये ! 
लेकिन ध्यान रखें ----
  • "Thankyou  " हमेशा मुस्कुरा कर दें ,तभी सामने वाला मुस्कुरा कर उसे लेगा ! 
  • thank you हमेशा दिल से दें क्योंकि दिल से कही बात ही दिल तक जाती है !
  • बनावटी thankyou अपना असर नहीं दिखा पाती ! 
  • सामने वाले को धन्यवाद् कहने में हमारा कुछ नहीं जाता ,लेकिन सामने वाले को हमसे बहुत कुछ मिल जाता है -ख़ुशी ,संतुष्टि, important होने का अहसास !
  • दिल से निकला हुआ और मुस्कुरा कर कहा हुआ thankyou आपको भी ख़ुशी का अहसास करा जाता है ! 
  • हम thankyou करें उन सबका ,जिनकी हमारी जिंदगी में अहमियत है -हमारा ईश्वर ,हमारे माता-पिता ,गुरुजन ,दोस्त ,दूधवाला ,कपडे वाला ,press वाला ,sweeper , driver  .............! 

आप एक बार दिल से मुस्कुरा कर  इन सबको thankyou कह कर तो देखिये !

अंत में ,
मेरे दिल की गहराईयों से आप सभी दोस्तों को .... THANK YOU..........

अपने कीमती समय से समय निकाल कर मेरा blog पढने के लिए ......

मुझे अपने valuable comments देने के लिए .......

मेरी  achhibatein को  encourage करने के लिए .......

 
                                                          THANK YOU   दिल से  ..........



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रविवार, 3 फ़रवरी 2013

Netaji subhash chandra bose quotes in hindi .....







नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के अनमोल कथन ---


  • यदि आपको अस्थायी रूप से झुकना पड़े तब वीरों की भांति झुकना !

  • कष्टों का निसंदेह एक आंतरिक नैतिक मूल्य होता है !

  • मुझे यह नहीं मालूम की स्वतंत्रता के इस युद्ध में हममे से कौन  कौन   जीवित बचेंगे ! परन्तु में यह जानता हूँ ,अंत में विजय हमारी ही होगी !

  • संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया ! मुझमे आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ ,जो पहले नहीं था !

  • जीवन में प्रगति का आशय यह है की शंका संदेह उठते रहें और उनके समाधान के प्रयास का क्रम चलता रहे !

  • मुझमे जन्मजात प्रतिभा तो नहीं थी ,परन्तु कठोर परिश्रम से बचने की प्रवृति मुझमे कभी नहीं रही !

  • समय से पूर्व की परिपक्वता अच्छी नहीं होती ,चाहे वह किसी वृक्ष की हो ,या व्यक्ति की और उसकी हानि आगे चल कर भुगतनी ही होती है !

  • अपने कॉलेज जीवन की देहलीज पर खड़े होकर मुझे अनुभव हुआ ,जीवन का कोई अर्थ और उद्देश्य है !

  • निसंदेह बचपन और युवावस्था में पवित्रता और संयम अति आवश्यक है !

  • हम संघर्षों और उनके समाधानों द्वारा ही आगे बढ़ते हैं !

  • मैंने अमूल्य जीवन का इतना समय व्यर्थ ही नष्ट कर दिया ! यह सोच कर बहुत ही दुःख होता है ! कभी कभी यह पीड़ा असह्य हो उठती है ! मनुष्य जीवन पाकर भी जीवन का अर्थ समझ में नहीं आया ! यदि मैं अपनी मंजिल पर नहीं पहुँच पाया ,तो यह जीवन व्यर्थ है ! इसकी क्या सार्थकता है ?

  • मैं चाहता हूँ  चरित्र ,ज्ञान और कार्य.....

  • व्यर्थ की बातों में समय खोना मुझे जरा भी अच्छा नहीं लगता !

  • हमें केवल कार्य करने का अधिकार है ! कर्म ही हमारा कर्तव्य है ! कर्म के फल का स्वामी वह (भगवान ) है ,हम नहीं !

  • परीक्षा का समय निकट देख कर हम बहुत घबराते हैं ! लेकिन एक बार भी यह नहीं सोचते की जीवन का प्रत्येक पल परीक्षा का है ! यह परीक्षा ईश्वर और धर्म के प्रति है ! स्कूल की परीक्षा तो दो दिन की है ,परन्तु जीवन की परीक्षा तो अनंत काल के लिए देनी होगी ! उसका फल हमें जन्म-जन्मान्तर तक भोगना पड़ेगा !

  • चरित्र निर्माण ही छात्रों का मुख्य कर्तव्य है !

  • श्रद्धा की कमी ही सारे कष्टों और दुखों की जड़ है !

  • मैंने अपने छोटे से जीवन का बहुत सारा  समय व्यर्थ में ही खो दिया है !
  • हमारी राह भले ही भयानक और पथरीली हो ,हमारी यात्रा चाहे कितनी भी कष्टदायक  हो , फिर भी हमें आगे बढ़ना ही है ! सफलता का दिन दूर हो सकता है ,पर उसका आना अनिवार्य है !

  • अगर संघर्ष न रहे ,किसी भी भय का सामना न करना पड़े ,तब जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है !

  • मैं संकट एवं विपदाओं से भयभीत नहीं होता ! संकटपूर्ण दिन आने पर भी मैं भागूँगा नहीं वरन आगे बढकर कष्टों को सहन करूँगा !

  • में जीवन की अनिश्चितता से जरा भी नहीं घबराता !

  • समझोतापरस्ती बड़ी अपवित्र वस्तु है !

  • भविष्य अब भी मेरे हाथ में है !

  • इतना तो आप भी मानेंगे ,एक न एक दिन तो मैं जेल से अवश्य मुक्त हो जाऊँगा ,क्योंकि प्रत्येक दुःख का अंत होना अवश्यम्भावी है !

  • मध्या भावे गुडं दद्यात -- अर्थात जहाँ शहद का अभाव हो वहां गुड से ही शहद का कार्य निकालना  चाहिए !

  • माँ का प्यार सबसे गहरा होता है ! स्वार्थ रहित होता है ! इसको किसी भी प्रकार नापा  नहीं जा सकता !

  • मुझे जीवन में एक निश्चित लक्ष्य को पूरा करना है ! मेरा जन्म उसी के लिए हुआ है ! मुझे नेतिक विचारों की धारा में नहीं बहना है  ! 

  • जिस व्यक्ति में सनक नहीं होती ,वह कभी भी महान नहीं बन सकता ! परन्तु सभी पागल व्यक्ति महान नहीं बन जाते ! क्योंकि सभी पागल व्यक्ति प्रतिभाशाली नहीं होते ! आखिर क्यों ? कारण यह है की केवल पागलपन ही काफी नहीं है ! इसके अतिरिक्त कुछ और भी आवश्यक है !

  • भावना के बिना चिंतन असंभव है ! यदि हमारे पास केवल भावना की पूंजी है तो चिंतन कभी भी फलदायक नहीं हो सकता ! बहुत सारे लोग आवश्यकता से अधिक भावुक होते हैं ! परन्तु वह कुछ सोचना नहीं चाहते !

  • हमें अधीर नहीं होना चहिये ! न ही यह आशा करनी चाहिए की जिस प्रश्न का उत्तर खोजने में न जाने कितने ही लोगों ने अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया ,उसका उत्तर हमें एक-दो दिन में प्राप्त हो जाएगा !

  • स्वामी विवेकानंद का यह कथन बिलकुल सत्य है ,यदि तुम्हारे पास लोह शिराएं हैं और कुशाग्र बुद्धि है ,तो तुम सारे विश्व को अपने चरणों में झुक सकते हो !

  • मेरी सारी की सारी भावनाएं मृतप्राय हो चुकी हैं और एक भयानक कठोरता मुझे कसती जा रही है !

  • मेरे जीवन के अनुभवों में एक यह भी है ! मुझे आशा है की कोई-न-कोई किरण उबार लेती है और जीवन से दूर भटकने नहीं देती !

  • मैंने जीवन में कभी भी खुशामद नहीं की है ! दूसरों को अच्छी लगने वाली बातें करना मुझे नहीं आता ! 

  • कर्म के बंधन को तोडना बहुत कठिन कार्य है !

  • असफलताएं कभी कभी सफलता की स्तम्भ होती हैं !

  • सुबह से पहले अँधेरी घडी अवश्य आती है ! बहादुर बनो और संघर्ष जारी रखो ,क्योंकि स्वतंत्रता निकट है ! 

  • तुम मुझे खून दो ,मैं तुम्हें आजादी दूंगा !

                                                                                          ----नेताजी सुभाष चन्द्र बोस 


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